"आनंद मंगलमय भया संत समाजा।
संतदास संत जग जंगम तीर्थराजा"॥
गरीबदास धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय,गांव माछरौली (हरियाणा) में स्वामी कृष्णदास मस्ताना जी महाराज , स्वामी कमल सागर जी महाराज, अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्र सरस्वती जी महाराज के साथ "निशुल्क स्वास्थ्य एवं नेत्र जांच शिविर" का आयोजन करते हुए ।
स्वामी संत दास जी महाराज को द्वितीय संत समागम, करनाल, हरियाणा में चोला-पगड़ी प्रदान करता समस्त भारतीय संत समाज
निशुल्क योग शिविर के माध्यम से प्रशिक्षित योगाचार्यों द्वारा योग, प्राणायाम और ध्यान सत्र आयोजित कर शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाया जाता है।
निशुल्क योग शिविर के माध्यम से प्रशिक्षित योगाचार्यों द्वारा योग, प्राणायाम और ध्यान सत्र आयोजित कर शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाया जाता है।
निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा निःशुल्क परामर्श, जांच एवं दवाइयों की सुविधा प्रदान कर समाज के स्वास्थ्य को सशक्त बनाया जाता है।
संतों के दास संतदास जी (संत जी) एवं स्वामी कृष्ण दास मस्ताना जी गीता-ज्ञान मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज के दर्शन करते हुए।
संतों के दास संत दास (संत जी), स्वामी कृष्ण दास मस्ताना जी महाराज चेयरमैन गेजा राम जी को आशीर्वाद स्वरूप कलैंडर प्रदान करते हुए l
संतों के दास संतदास जी (संत जी) स्वामी कमल सागर जी महाराज, स्वामी कृष्णदास मस्ताना जी महाराज के साथ "अखिल भारतीय संत समिति" के कार्यक्रम में पधारे एवं 'संत समाज' का अभिनंदन करते हुए।
1. आज सम्पूर्ण विश्व में पंथवाद, जातिवाद, गद्दीवाद, डेरावाद, सम्प्रदायवाद इतना अधिक फैला हुआ है कि
हमारे पूर्ववंशी संत- महापुरुषों द्वारा हमें पाखंडवाद, अंधविश्वासवाद, आडम्बरवाद से छुड़वाया गया था
तो आज के महापुरुष (पाखंडी एवं नकली बाबा) उन्हीं संत- महापुरुषों की आड़ लेकर अपनी लालसा, कामना,
बासनाओं के वशीभूत होकर अपनी इच्छापूर्ति के लिए उसी पाखंडवाद, अंधविश्वासवाद, आडम्बरवाद का प्रचार
प्रसार कर रहे हैं और बेचारी भोलीभाली संगत का शोषण कर रहे हैं तथा एक- दूसरे के प्रति विरोधाभास
विचारों का आदान- प्रदान करके चारों तरफ नफरत फैला रहे हैं।
2. जैसा कि हम देख रहे हैं कि अपने संतमत के ही साधू, महात्मा, महंत, संगत आदि एक पंथ विशेष,
व्यक्ति विशेष, गद्दी विशेष, डेरा विशेष, महात्मा विशेष के दायरे में बंधकर रह गए हैं। इसलिए इस
अज्ञान को देखते हुए मुझ दास के अंदर सतगुरु जी की असीम कृपा से एक प्रेरणा हुई कि संत-महापुरुष
किसी भी धर्म/ जाति/ पंथ/ वंश विशेष के नहीं होते हैं, बल्कि वे तो सम्पूर्ण प्राणी मात्र के कल्याण
के लिए ही इस मृत्यु लोक में आगमन करते हैं, लेकिन बड़े अफशोस की बात यह है कि हमारे उन पूर्वज संत-
महापुरुषों को हमने धर्म/ जाति/ पंथ/ वंश/ सम्प्रदाय विशेष की सीमाओं में बंधते देख कर मुझ दास के
मन में सतगुरु जी की असीम कृपा से एक चेतना जागृत हुई कि कोई भी संत-महापुरुष किसी भी धर्म/ जाति/
पंथ/ वंश/ संप्रदाय विशेष के नहीं होते हैं तो सतगुरु जी की प्रेरणा से मुझ दास के अंतर्मन में एक
"सर्व सांझा मंच बने" ऐसा विचार जागृत हुआ।
समस्त भारतीय संत समाज भारत सरकार एवं नीति आयोग द्वारा पंजीकृत एक राष्ट्रीय सामाजिक संस्था है, जो समाज के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए निरंतर कार्यरत है। संस्था का मूल उद्देश्य समाज में मानवीय मूल्यों, नैतिकता, जिम्मेदारी एवं सकारात्मक सोच का संरक्षण और संवर्द्धन करना है। संस्था जागरूकता, संवाद और सहभागिता के माध्यम से सामाजिक जीवन में व्याप्त कुरीतियों, भ्रम, गलत धारणाओं तथा विभाजनकारी प्रवृत्तियों को दूर करने के लिए सतत प्रयास करती है।
संस्था का विश्वास है कि एक सशक्त, समावेशी और प्रगतिशील समाज का निर्माण तभी संभव है जब सभी नागरिक आपसी सहयोग, सद्भाव और सामाजिक समरसता की भावना के साथ आगे बढ़ें। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए संस्था विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और जागरूकता आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से जिम्मेदार नागरिक चेतना को मजबूत करने का कार्य करती है। संस्था सभी नागरिकों से विनम्र आह्वान करती है कि वे राष्ट्र एवं समाज के व्यापक हित में इस पहल से जुड़कर सकारात्मक परिवर्तन और समावेशी समाज निर्माण की दिशा में सहभागी बनें।
नशा मुक्ति अभियान के माध्यम से हम जागरूकता, परामर्श और पुनर्वास सहायता देकर समाज को स्वस्थ और सुरक्षित बनाने का प्रयास क...
रोजगार सृजन के माध्यम से हम युवाओं और महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर और सशक्त बनाते हैं।
पर्यावरण संरक्षण के लिए हम वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से हरित भविष्य का निर्माण करत...
बाल विकास एवं सुरक्षा हेतु हम शिक्षा, पोषण, संरक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों से बच्चों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करते ह...
राष्ट्रीय रोजगार प्रमुख
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संस्थापक एवं अध्यक्ष
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